अधूरी कहानियाँ 2020 : गानों का सौदागर
हमारा मोहल्ला काफी रईशो से भरा पड़ा था, लोग अपने घरों के फंक्शन मे काफी धीमे आवाज मे ही गाने बजवाते, ताकि उनकी छवि मोहल्ले मे ख़राब ना हो,
मै भी 12-14 साल की थी, पढ़ाई और सिर्फ पढ़ाई पर ही फोकस करती, थोड़ी दूर पर मेरी सहेली का घर था, जहा से मेरा काफी गहरा वास्ता था, घर के सारे सदस्यों से मेरा लगाव था, सिर्फ एक को छोड़कर, और वो बदनसीब मेरी सहेली का भाई था, बदनसीब इसलिए क्युकि उसने आजतक सिर्फ दर्दभरे गाने ही सुने थे, जिसका कारण कोई जान ना सका, उ…
Social Plugin