प्रायश्चित : Antonement
रोज की बात थी, रमा कच्ची से सडक होकर अपने स्कूल की औऱ जा रही थी, हर दिन की तरह सड़को पर खड़े उन आवारा लड़को से अपनी नजरें बचाती रमा स्कुल की औऱ बढ़ती है........उसे आज जल्दी भी थी क्युकी आज स्कुल मे उसका आखिरी दिन था, इसके बाद वो उच्च शिक्षा के लिए गाँव से दूर कॉलेज मे दाखिला करवाएगी, |
रमा अच्छे नंबर से पास हो गयी है, इसलिए घर के सभी सदस्य खुश थे,,
रमा जब स्कूल से वापस घर आती है तो रास्ते मे.... उसे एहसास होता है की कोई उसका पीछा कर रहा है, पीछे मुड़कर देखती…
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