जबतक इंसान जिन्दा रहता है,उसे दुनियादारी की पड़ी रहती है.......मेहनत करता है औऱ पुरा जीवन अपने काम औऱ परिवार के नां समर्पित कर देता है,
पर क्या इंसान संसार छोड़ देने के बाद वह अपने परिवार को भूल जाता है,? हमारी आज की कहानी इसी पर आधारित है?
कई दिनों से बिस्तर पर लेटा अरविंद अपने सगे सम्बन्धीयो से मिलने की इच्छा जाहिर कर रहा होता है,औऱ अपनी पत्नी से कहता है,
मीरा....क्या किसी ने फोन कर मेरी तबयत की जानकारी ली थी,
मीरा बोली किसीने से क्या मतलब है आपका....परिवार मे तों ऐसा कोई नहीँ है…
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