दैवीय शक्ति का दंड
ये कहानी एक सच्ची घटना का रूपांतरन है,
करीब 50 वर्ष पहले उत्तरप्रदेश के सीतापुर जिले मे एक परिवार हाल मे ही अपने बेटे पिंटू की शादी बड़े धूम धाम से करता है, परिवार के सबसे बड़े बेटे की शादी थी, इसलिए सभी सगे संबंधी भी अधिक मात्रा मे आये हुए थे,
शादी के अगली सुबह जब बहू (रचना ) घर आती है, तभी द्वार पर एक अशुभ घटना घटती है, फिर भी परिवार वाले उस घटना को नजरअंदाज करते हुए, बाकि की रश्मे निभाने मे ब्यस्त हो जाते है,
बहु के ग्रहप्रवेश से सभी हर्षित थे, लेकिन द्व…
खजाने का मोह
एक बड़ा सा परिवार था, जहा कुल मिलाकर 22 लोग एकसाथ रहा करते थे, परिवार मे दो बुजुर्ग दम्पति, उनके चार विवाहित बेटे, उनकी दो छोटी बहने, बेटों के दो दो बच्चे, ओर दो नौकर, उनसब के बिच एकदूसरे के लिए लगाव के साथ बहुत प्यार था,
बड़ा ओर खानदानी परिवार होने के कारण दूर दूर तक लोग उन्हें जानते थे, पैसे की कोई कमी नही थी, धन दौलत बिखरे पड़े होते, फिर भी मजाल है की क एक रुपया भी इधर का उधर करदे, उनका घर काफी पुराने जमाने मे बना हुआ था, जिसकारण मरम्मत की मांग कर रहा था,
एक दि…
दान
रस्मी अपने पापा की लाडली बेटी है, वाह अपनी बीएससी की पढ़ाई मे ज्यादातर ब्यस्त रहती थी,
घर के छोटे बड़े काम मे माँ का हाथ भी बताया करती
माँ तू रहने दे,.... दे मुझे मै कर लूंगी, (रस्मी ) ठीक है बेटा ले तू ही कर, (माँ )
वैसे माँ पापा कहा है, कही दिख नहीं रहे, वो तेरे लिए लड़का देखने गये है, (माँ ) उफ्फ्फ माँ, तूम और पापा मेरे पीछे हाथ धोके पड़ गये हो, मुझे नहीं करनी शादी अभी,
थोड़ी देर बाद,
लड़के का फोटो दिखाते हुए कहते है सायद यहाँ बात पक्की हो ही जाएगी , (रस्मी के पापा )
देख रश्मि (…
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